प्रेम अनुभूति का विषय है..इसीलिए इसकी अभिव्यक्ति की जरूरत सबको महसूस होती है.. अतः,अपनी मौलिक कविताओं व रेखाचित्रो के माध्यम से, इसे अभिव्यक्त करने की कोशिश कर रहा हू मैं यहाँ.
आम आदमी शौक क्या ज़रुरत भी पूरी नही कर पाता है. यही अनवरत जीवन... बधाई सुन्दर रचना के लिए.
आम आदमी शौक क्या ज़रुरत भी पूरी नही कर पाता है.....सत्य कहा आपने बहुत-बहुत आभार .....आदरणीया
सुन्दर
वाह
नीम की गोली गटक जाएंगे ! कल फिर काम पर आएंगे !
बहुत सुंदर सृजन !
सोचता हूँ.. तुम होते यहाँ तो बहार होती बेरुत भी सोचता हूँ.. तुम्हारा होना , न होना ज्यादा मायने नही रखता यार ! यादों का भी साथ बहुत होता...
आम आदमी शौक क्या ज़रुरत भी पूरी नही कर पाता है. यही अनवरत जीवन... बधाई सुन्दर रचना के लिए.
जवाब देंहटाएंआम आदमी शौक क्या ज़रुरत भी पूरी नही कर पाता है.....सत्य कहा आपने
हटाएंबहुत-बहुत आभार .....आदरणीया
सुन्दर
जवाब देंहटाएंवाह
जवाब देंहटाएंनीम की गोली गटक जाएंगे ! कल फिर काम पर आएंगे !
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर सृजन !
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